The lines on the driving test track have been erased by bushes... hundreds of people are facing problems every day | ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर झाड़ियों से लाइनें मिट चुकीं... हर दिन सैकड़ों लोग परेशान हो रहे - Ludhiana News | Dainik Bhaskar
English: The lines on the driving test track have been erased by bushes... hundreds of people are facing problems every day | ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर झाड़ियों से लाइनें मिट चुकीं... हर दिन सैकड़ों लोग परेशान हो रहे - Ludhiana News | Dainik Bhaskar is in focus today. Here’s a simple, human-written explainer: what changed, why it matters, and what to do next.
Summary: भास्कर न्यूज | लुधियाना | dainikbhaskar...
हिंदी: The lines on the driving test track have been erased by bushes... hundreds of people are facing problems every day | ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर झाड़ियों से लाइनें मिट चुकीं... हर दिन सैकड़ों लोग परेशान हो रहे - Ludhiana News | Dainik Bhaskar आज चर्चा में है। यहाँ एक आसान, इंसानी अंदाज़ में समझाया गया सार है—क्या बदला, क्यों ज़रूरी है, और आगे क्या करें।
सार: भास्कर न्यूज | लुधियाना | dainikbhaskar...

Key Points (मुख्य बातें)
Note: Short, clear points first. Avoid fluff.
- भास्कर न्यूज | लुधियाना महानगर के दो प्रमुख ड्राइविंग टेस्ट सेंटर्स सेक्टर-32 चंडीगढ़ रोड और सिविल लाइंस स्थित गवर्नमेंट कॉलेज की हालत इस समय बेहद खराब है। ड्राइविंग टेस्ट के लिए बने ट्रैक पर झाड़ियां उग आई हैं। घास-फूस और मच्छरों की भरमार है। ट्रैक पर जरूरी मार्किंग लगभग पूरी तरह मिट चुकी है। इससे ड्राइविंग टेस्ट देने आए लोगों को सही दिशा तक समझ नहीं आती और कई बार वे तय रूट से भटक जाते हैं। नतीजा यह होता है कि बड़ी संख्या में आवेदक टेस्ट में असफल हो जाते हैं। जबकि हकीकत यह है कि इन दोनों सेंटर्स पर हर दिन सैकड़ों लोग ड्राइविंग टेस्ट देने आते हैं। ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया कि ट्रैक देखकर लगता है जैसे यहां वर्षों से कोई टेस्ट ही नहीं हुआ हो। घास और झाड़ियों ने ट्रैक की पहचान ही छीन ली है। कई जगह पर गाड़ी मोड़ने के लिए बनाई गई जगह पूरी तरह भर चुकी है। आवेदकों को सही रास्ते का अंदाजा तक नहीं होता। ड्राइविंग टेस्ट अब परीक्षा से ज्यादा किसी चुनौती जैसा लगने लगा है। लोगों का मानना है कि अगर नगर निगम और आरटीए विभाग तुरंत कार्रवाई नहीं करते तो आने वाले दिनों में स्थिति और बिगड़ जाएगी। हर दिन बढ़ती भीड़ और अव्यवस्था से ड्राइविंग टेस्ट प्रक्रिया और कठिन हो जाएगी। जनता की मांग है कि दोनों सेंटर्स पर जल्द से जल्द सफाई और नई मार्किंग का काम किया जाए। तभी शहर में सड़क सुरक्षा और नियमों की असल भावना पूरी हो सकेगी। सेक्टर-32 चंडीगढ़ रोड। सेक्टर-32 के रहने वाले सरबजीत सिंह ने बताया कि वह अपनी कार का ड्राइविंग टेस्ट देने पहुंचे थे। लेकिन ट्रैक पर इतने मच्छर थे कि वहां खड़ा होना भी मुश्किल था। चारों तरफ घास इतनी उगी थी कि देखने से ही लगा जैसे सालों से सफाई नहीं हुई। उनका कहना है कि आरटीए विभाग में साफ-सफाई का कोई सिस्टम नहीं है। ऊपर से नगर निगम के मेयर और विधायक केवल फोटो खिंचवाकर शहर को साफ-सुथरा दिखाने का ड्रामा कर रहे हैं। मॉडल टाउन निवासी मंजीत कौर ने सिविल लाइन ड्राइविंग टेस्ट सेंटर की स्थिति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ट्रैक पर कोई मार्किंग नहीं है। सभी लाइनें मिट चुकी हैं। इतनी बड़ी-बड़ी झाड़ियां हैं कि गाड़ी चलाना भी मुश्किल हो जाता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अधिकारी एसी कमरों में बैठकर आराम कर रहे हैं। उन्हें जनता की परेशानियों से कोई मतलब नहीं है। विधायक और मेयर सफाई के नाम पर सिर्फ दिखावा कर रहे हैं। आवेदकों ने कई बार इस स्थिति को लेकर संबंधित विभाग को शिकायतें दीं। लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ना तो समय-समय पर ट्रैक की सफाई होती है और ना ही लाइनें रीपेंट की जाती हैं। हर दिन सैकड़ों लोग यहां टेस्ट देने आते हैं, लेकिन सुविधाओं का स्तर बेहद चिंताजनक है। लोग कहते हैं कि प्रशासन केवल कागजों और सोशल मीडिया तक ही सफाई दिखा रहा है।
Why This Matters (यह क्यों ज़रूरी है)
English: It can affect decisions, public sentiment, and near-term actions.
हिंदी: यह फैसलों, जनभावना और नज़दीकी कदमों को प्रभावित कर सकता है।
Actionable Next Steps (अगले कदम)
- Full story: https://www.bhaskar.com/local/punjab/ludhiana/news/the-lines-on-the-driving-test-track-have-been-erased-by-bushes-hundreds-of-people-are-facing-problems-every-day-135747486.html
“Stay practical: verify key updates, don’t rush decisions, and track the next official milestone. / व्यावहारिक रहें: अहम अपडेट सत्यापित करें, जल्दबाज़ी न करें, और अगला आधिकारिक माइलस्टोन ट्रैक करें।”
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